पैरिस। फ्रांस में 27 जून (मंगलवार) को पुलिस द्वारा यातायात का उल्लंघन करने पर 17 वर्षीय युवक को गोली मार दिया गया था। इसके बाद से देश के कई शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। देखते ही देखते हिंसा भड़क उठी और अब यह विकराल रूप ले चुका है। इस प्रदर्शन में 24 पुलिस अधिकारी घायल हो गए हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों ने 40 कारों समेत कई सार्वजनिक भवनों में आग लगा दी है।
अभियोजक ने बताया कि जब पुलिस ने मंगलवार को कार को रोकने की कोशिश की तो उसमें तीन लोग सवार थे। नाहेल लाल बत्ती चलाकर ट्रैफिक रुकने से बचने में कामयाब रहा। बाद में वह ट्रैफिक जाम में फंस गया। इस घटना में शामिल दोनों अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने उसे फिर से कार शुरू करने से रोकने के लिए अपनी बंदूकें निकाल लीं।
एक फ्रांसीसी पुलिस अधिकारी ने 29 जून (गुरुवार) बताया कि 17 वर्षीय युवक की हत्या के खिलाफ मामले की जांच की जाएगी। गोलीबारी के बाद शहरों और कस्बों में फैली हिंसा को रोकने के लिए लगभग 40 हजार पुलिस अधिकारियों को रात भर तैनात किया जाएगा। आपको बता दें कि 17 वर्षीय नाहेल की हत्या, का पूरा मंजर एक वीडियो में कैद हो गया था, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया।
आंतरिक मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने कहा, "अव्यवस्था के पेशेवरों को घर जाना चाहिए। आज रात बहुत अधिक पुलिस और पुलिस कर्मी मौजूद रहेंगे।" डर्मैनिन ने आगे कहा कि अशांति में 170 अधिकारी घायल हुए हैं, लेकिन किसी की भी जान को खतरा नहीं है।