बिष्णुपुर के एसपी हेसनाम बलराम सिंह ने काफिला रोके जाने के बाद हुए बवाल पर कहा कि जमीनी स्थिति को देखते हुए हमने राहुल गांधी को आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से चुराचांदपुर की यात्रा करने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि जिस मार्ग पर राहुल गांधी यात्रा कर रहे थे उस पर महिला प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ थी।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका है और इसलिए एहतियात के तौर पर काफिले को बिष्णुपुर में रुकने का अनुरोध किया गया। राहुल गांधी आज सुबह इंफाल पहुंचे और अब चुराचांदपुर जाएंगे, जहां उनकी राहत शिविरों का दौरा करने और जातीय संघर्ष से विस्थापित लोगों से मिलने की योजना है।
बता दें कि इस साल मई में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से अब लगभग 50,000 लोग राज्य भर में 300 से अधिक राहत शिविरों में रह रहे हैं। मणिपुर में मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में 3 मई को पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किए जाने के बाद झड़पें हुईं।