- फरीदाबाद से
गिरफ्तार आतंकी मुजम्मिल का बड़ा खुलासा, 3000 किलो विस्फोटक हुआ
था बरामद
दिल्ली में लाल किले के समीप हुए कार बम
धमाके के तार इस्लामिक आतंकवाद से जुड़ते ही चले जा रहा हैं। फरीदाबाद में जहां से
2900 किलो विस्फोटक बरामद हुए थे वहां से गिरफ्तार आतंकी डॉ मुजम्मिल ने पूछताछ में
एक बड़ा खुलासा किया है। जानकारी के अनुसार ये आतंकवादी 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर लाल किले को
निशाना बनाने वाले थे और दीवाली पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर हमला करने की बड़ी
साजिश रची थी।
एजेंसियों की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही
है कई खुलासे हो रहे है, धमके के बाद माना जा रहा था कि यह कार सीएनजी ब्लास्ट है
लेकिन धीरे धीरे ये साफ हो गया कि यह एक इस्लामिक आतंकी हमला है। जिसमें आधा दर्जन
डॉक्टर लिप्त हैं।
धमाके वाली i-20 कार
चलाने वाला आतंकी डॉ उमर मोहम्मद अपने साथियों की गिरफ्तारी से घबरा गया था। पकड़े
जाने के डर से उसने सुनहरी मस्जिद पार्किंग में करीब 3 घंटे
तक अपनी कार में रखे विस्फोटक से एक खतरनाक बम बनाने पर दिमाग लगाया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, जल्दबाजी में
आईईडी (IED) को गलत तरीके से असेंबल किया, जिससे इसका विनाशकारी असर सीमित ही रहा।
गणतंत्र दिवस और
दिवाली थी निशाने पर
गिरफ्तार डॉ मुजम्मिल और मारे गए डॉ उमर
मोहम्मद ने जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किले की रेकी की थी। उनके फोन डेटा से पता
चला कि उनका मुख्य निशाना 26 जनवरी को लाल किला था। इसके अलावा,
वे दीवाली के दौरान भी भीड़भाड़ वाले इलाके में हमला करने की योजना
बना रहे थे। यह दिखाता है कि साजिश कितनी बड़ी और खतरनाक थी।
तीन घंटे तक बम बनाने
का प्रयास
सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी के बाद आतंकी डॉ उमर मोहम्मद घबरा गया था। सूत्रों के मुताबिक, अपने साथियों की गिरफ्तारी के डर से उसने पार्किंग में 3 घंटे तक विस्फोटक से खतरनाक बम बनाने की कोशिश की थी। अगर उसका प्रयास सफल हो जाता, तो दिल्ली में और बड़ी तबाही मच सकती थी। जाँच में यह भी पता चला है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मुहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा था, जिसमें कई ‘सफेदपोश’ (डॉक्टर) शामिल थे।
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